चंडीगढ़ में 35 एकड़ में बनेगा सिटी फॉरेस्ट, ₹13.72 करोड़ मंजूर; मिलेंगी इको टूरिज्म की सुविधाएं
चंडीगढ़: शहर के लोगों को जल्द ही प्रकृति के बीच घूमने-फिरने और मनोरंजन का नया ठिकाना मिल सकता है। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 स्थित सुखना चो रिजर्व फॉरेस्ट में 35 एकड़ क्षेत्र में सिटी फॉरेस्ट विकसित किया जाएगा। परियोजना के लिए प्रशासन ने ₹13.72 करोड़ का बजट मंजूर किया है।
मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद की अध्यक्षता वाली कमेटी ने परियोजना को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य क्षेत्र के प्राकृतिक परिदृश्य को बेहतर बनाना, जैव विविधता को बढ़ावा देना और लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना है।
ऑडिटोरियम से लेकर बर्ड वॉच टावर तक मिलेंगी सुविधाएं
प्रस्तावित सिटी फॉरेस्ट में लोगों के मनोरंजन और प्रकृति को करीब से जानने के लिए कई सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- 100 सीटों वाला ऑडिटोरियम
- ओपन एयर थिएटर
- नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर
- बर्ड वॉच टावर
- साइकिल ट्रैक
इन सुविधाओं के जरिए लोगों को प्राकृतिक वातावरण में समय बिताने और स्थानीय वनस्पतियों व जीव-जंतुओं के बारे में जानकारी हासिल करने का अवसर मिलेगा।
इंजीनियरिंग विभाग करेगा निर्माण
इस परियोजना को फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के डिपॉजिट वर्क के तौर पर तैयार किया जाएगा, जबकि निर्माण की जिम्मेदारी इंजीनियरिंग विभाग को सौंपी गई है। परियोजना का लैंडस्केप प्लान तैयार हो चुका है और जल्द काम शुरू होने की उम्मीद है।
रिपोर्ट के अनुसार, टेंडर आवंटित होने के बाद परियोजना को एक साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रशासन ने निर्माण में पर्यावरण के अनुकूल सामग्री के इस्तेमाल पर भी जोर दिया है, ताकि प्राकृतिक वातावरण को नुकसान पहुंचाए बिना सुविधाएं विकसित की जा सकें।
2022 में खाली कराई गई जमीन पर विकसित होगा प्रोजेक्ट
साल 2022 में सुखना चो के डाउनस्ट्रीम में इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित कॉलोनी नंबर-4 की जमीन खाली कराई गई थी। अब इस क्षेत्र के परिदृश्य को सुधारने और हरियाली बढ़ाने के लिए सिटी फॉरेस्ट परियोजना तैयार की गई है।
इसमें फॉरेस्टेशन और प्लांटेशन को बढ़ावा देने के साथ क्षेत्र में नमी बनाए रखने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
बारिश के पानी और जैव विविधता के संरक्षण पर जोर
परियोजना में इकोलॉजिकल रेस्टोरेशन यानी पारिस्थितिक बहाली को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके तहत बारिश के पानी को संरक्षित करने, प्राकृतिक आवास को बनाए रखने और क्षेत्र की जैव विविधता को बढ़ावा देने के उपाय किए जाएंगे।
इसके अलावा, नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर के माध्यम से पर्यावरण शिक्षा को बढ़ावा देने की योजना है। परियोजना पूरी होने के बाद सुखना चो रिजर्व फॉरेस्ट का यह हिस्सा चंडीगढ़ में प्रकृति आधारित मनोरंजन और इको टूरिज्म के नए केंद्र के रूप में विकसित हो सकेगा।

