चंडीगढ़: शहर में अगले साल आयोजित होने वाला 55वां रोज फेस्टिवल खास होने जा रहा है। इस बार पर्यटकों को फेस्टिवल के दौरान हेलीकॉप्टर राइड की सुविधा देने का प्रस्ताव रखा गया है। नगर निगम सदन ने आयोजन के लिए 1.32 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है। हालांकि, निगम की पहली प्राथमिकता आयोजन के लिए प्रायोजक तलाशने की होगी।
यदि प्रायोजक मिल जाते हैं तो उनके सहयोग से फेस्टिवल आयोजित किया जाएगा। वहीं, प्रायोजक नहीं मिलने की स्थिति में नगर निगम टेंडर की शर्तों के अनुसार अपने बजट से आयोजन का खर्च उठाएगा।
प्रायोजक नहीं मिलने पर निगम उठाएगा खर्च
नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार ने सदन में बताया कि आयोजन के लिए बजट प्रस्ताव लाने का उद्देश्य टेंडर प्रक्रिया शुरू करना है। पिछले कई वर्षों से रोज फेस्टिवल का आयोजन कंपनियों और प्रायोजकों के सहयोग से किया जाता रहा है। एक बार आयोजन के बाद नगर निगम को 11 लाख रुपये की बचत भी हुई थी।
हालांकि, इस बार किसी कंपनी ने आयोजन में रुचि नहीं दिखाई। इसी वजह से नगर निगम को अपने बजट से खर्च करने के लिए प्रस्ताव लाना पड़ा। अब निगम प्रायोजकों की तलाश के साथ आयोजन की तैयारियों को आगे बढ़ाएगा।
तीन दिन तक फूलों की प्रदर्शनी और कई प्रतियोगिताएं
तीन दिवसीय रोज फेस्टिवल में फूलों की प्रदर्शनी के साथ कई सांस्कृतिक और मनोरंजक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- फूलों की प्रदर्शनी: विभिन्न किस्मों के गुलाब और फूलों की सजावट आकर्षण का केंद्र रहेगी।
- रंगोली और फ्लोरल हैट प्रतियोगिता: प्रतिभागियों को अपनी रचनात्मकता दिखाने का अवसर मिलेगा।
- रोज प्रिंस और रोज प्रिंसेस: प्रतिभागियों के लिए विशेष प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।
- मिस्टर एंड मिस रोज: फेस्टिवल में आकर्षण बढ़ाने के लिए यह प्रतियोगिता भी होगी।
- रोज किंग और रोज क्वीन: वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
- सांस्कृतिक गतिविधियां: लोकनृत्य, फोटोग्राफी, पेंटिंग, अंताक्षरी और रोज क्विज जैसी गतिविधियां होंगी।
- हेलीकॉप्टर राइड: पर्यटकों के लिए हेलीकॉप्टर से शहर का नजारा देखने की सुविधा देने का प्रस्ताव है।
हेलीकॉप्टर राइड की सुविधा और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं के बारे में विस्तृत जानकारी आयोजन की तैयारियों के दौरान सामने आने की उम्मीद है।
अलग-अलग फ्लोर के मालिक बनवा सकेंगे स्वतंत्र प्रॉपर्टी ID
नगर निगम सदन की बैठक में संपत्ति से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत रिहायशी मकानों के अलग-अलग फ्लोर की स्वतंत्र प्रॉपर्टी ID बनवाने के नियमों में संशोधन किया गया है।
नई व्यवस्था के अनुसार, यदि एक ही इमारत में अलग-अलग फ्लोर के तीन मालिक हैं, तो किसी एक मालिक को अपनी प्रॉपर्टी ID अलग करवाने के लिए पूरी इमारत का बकाया प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने की जरूरत नहीं होगी। वह अपने हिस्से का बकाया चुकाकर अलग प्रॉपर्टी ID के लिए आवेदन कर सकेगा।
यदि तीनों मालिक मिलकर पूरा बकाया जमा कर देते हैं, तो सभी की अलग-अलग प्रॉपर्टी ID बनाई जा सकेगी। हालांकि, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल संपत्तियों के मामले में सभी मालिकों के हस्ताक्षर की शर्त पहले की तरह लागू रहेगी।
पहले कर्मचारियों को वेतन देगी कंपनी, फिर मिलेगा भुगतान
नगर निगम ने सफाई का काम संभाल रही लायन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के भुगतान से संबंधित व्यवस्था में भी बदलाव को मंजूरी दी है। यह कंपनी चंडीगढ़ के दक्षिणी सेक्टरों में सफाई का काम देखती है।
नई व्यवस्था के तहत कंपनी को पहले अपने कर्मचारियों को वेतन देना होगा। इसके बाद वह नगर निगम से अपने बिल का भुगतान ले सकेगी। पहले के समझौते में निगम की ओर से कंपनी को पहले भुगतान किया जाता था।
इस बदलाव का उद्देश्य कर्मचारियों के वेतन भुगतान को प्राथमिकता देना है। नगर निगम सदन की बैठक में मंजूर इन प्रस्तावों का असर शहर के रोज फेस्टिवल आयोजन, संपत्ति मालिकों की सुविधाओं और सफाई कर्मचारियों के वेतन भुगतान की प्रक्रिया पर पड़ने की उम्मीद है।

