पंजाब कांग्रेस में एकजुटता की अपील, चन्नी बोले- सभी नेताओं को साथ लेकर चले पार्टी
पटियाला | पंजाबी दूरदर्शन
पंजाब कांग्रेस में जारी संगठनात्मक खींचतान और अंदरूनी मतभेदों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने पार्टी नेतृत्व से सभी वरिष्ठ और निष्ठावान नेताओं को साथ लेकर चलने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को मजबूत बनाने के लिए आपसी विवादों को सार्वजनिक करने के बजाय बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाना चाहिए।
नोटिस और निलंबन पर हाईकमान से करेंगे चर्चा
चन्नी ने कहा कि पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि पूर्व विधायक सुरजीत सिंह धीमान को निलंबित कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि वह जल्द ही पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पार्टी हाईकमान से मुलाकात करेंगे तथा आग्रह करेंगे कि किसी भी नेता की अनदेखी करने के बजाय सभी को साथ लेकर संगठन को मजबूत किया जाए।
अनुभवी नेताओं का बेहतर इस्तेमाल हो
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के पास अनुभवी, जनाधार वाले और संघर्षशील नेताओं की कमी नहीं है। ऐसे नेताओं को पार्टी की ताकत बनाना चाहिए, न कि संगठन के भीतर उन्हें कमजोर करने की कोशिश की जाए।
कार्यकर्ताओं से अनुशासन बनाए रखने की अपील
चन्नी ने पार्टी बैठकों और रैलियों में गुटबाजी पर चिंता जताई। उन्होंने कार्यकर्ताओं और नेताओं से अपील की कि वे किसी भी मंच पर नारेबाजी, आपसी बयानबाजी और हंगामे से बचें।
उन्होंने कहा कि इस समय संगठन में अनुशासन, शांति और आपसी सम्मान बनाए रखना बेहद जरूरी है।
‘लड़ाई कुर्सी की नहीं, जनता के मुद्दों की’
चरणजीत सिंह चन्नी ने स्पष्ट किया कि उनकी पहल किसी पद या प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी के लिए नहीं है।
उन्होंने कहा कि पंजाब में बेरोजगारी, पेपर लीक और अन्य जनहित के मुद्दे गंभीर हैं। ऐसे समय में कांग्रेस को आपसी मतभेद छोड़कर जनता के मुद्दों पर सरकार के खिलाफ मजबूती से संघर्ष करना चाहिए।

