हिमाचल एंट्री टैक्स के विरोध में आज 4 घंटे चक्का जाम, पंजाब-हरियाणा सीमाओं पर यातायात प्रभावित होने के आसार

हिमाचल एंट्री टैक्स के विरोध में आज 4 घंटे चक्का जाम, पंजाब-हरियाणा सीमाओं पर यातायात प्रभावित होने के आसार

पठानकोट: हिमाचल प्रदेश में लागू किए गए एंट्री टैक्स को लेकर विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। किसान संगठनों, व्यापारिक संस्थाओं, ट्रांसपोर्ट यूनियनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त मंच ने पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की सीमाओं पर आज चार घंटे के चक्का जाम का ऐलान किया है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एंट्री टैक्स का सीधा असर व्यापार, परिवहन, कृषि गतिविधियों और आम यात्रियों पर पड़ रहा है। उनका आरोप है कि यह फैसला सीमावर्ती क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था और दैनिक आवागमन को प्रभावित कर रहा है।

सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक रहेगा प्रदर्शन

आयोजकों के अनुसार, विरोध प्रदर्शन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेगा। इस दौरान हिमाचल प्रदेश को पंजाब और हरियाणा से जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हो सकता है। सीमावर्ती क्षेत्रों से गुजरने वाले यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है।

कई किसान और सामाजिक संगठनों का समर्थन

इस आंदोलन को विभिन्न किसान संगठनों, ट्रांसपोर्ट यूनियनों और सामाजिक समूहों का समर्थन प्राप्त है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एंट्री टैक्स नीति के कारण व्यापारिक गतिविधियों की लागत बढ़ रही है और सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है।

टैक्स नीति पर बढ़ा विवाद

विवाद की शुरुआत हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों पर संशोधित शुल्क व्यवस्था लागू किए जाने के बाद हुई। प्रदर्शनकारी संगठनों का कहना है कि यह व्यवस्था आम लोगों और व्यवसायों के हित में नहीं है।

हालांकि सरकार द्वारा कुछ श्रेणियों के वाहनों के लिए शुल्क में आंशिक राहत दिए जाने की घोषणा की गई थी, लेकिन आंदोलनकारी संगठन इसे अपर्याप्त मान रहे हैं। उनकी मांग है कि एंट्री टैक्स व्यवस्था को पूरी तरह वापस लिया जाए।

पारस्परिक कर लगाने की भी उठी मांग

कुछ संगठनों ने यह भी सुझाव दिया है कि यदि एंट्री टैक्स वापस नहीं लिया जाता, तो पड़ोसी राज्यों को भी समान नीति अपनाने पर विचार करना चाहिए। हालांकि इस विषय पर अभी कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया है।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

संघर्ष समिति और आंदोलन से जुड़े नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया, तो भविष्य में आंदोलन को और व्यापक बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन जरूरत पड़ने पर आगे की रणनीति भी तैयार की जाएगी।

यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह

संभावित जाम और यातायात व्यवधान को देखते हुए यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले मार्ग की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की गई है। विशेष रूप से पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के बीच आवागमन करने वाले लोगों को अतिरिक्त समय लेकर यात्रा करने की सलाह दी गई है।

फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

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