जगतार सिंह हवारा को मां से मिलने के लिए 6 घंटे की पैरोल मिलने की संभावना, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
पंजाब: पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे जगतार सिंह हवारा को अपनी बीमार मां से मिलने के लिए छह घंटे की पैरोल मिल सकती है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस संबंध में प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। हालांकि, पैरोल को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले अटका था मामला
इससे पहले हवारा को अपनी गंभीर रूप से बीमार मां से मिलने के लिए पुलिस सुरक्षा के साथ कस्टडी पैरोल देने की बात सामने आई थी। हालांकि, उन्होंने सुरक्षा घेरे में मां से मिलने जाने से इनकार कर दिया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, हवारा सामान्य पैरोल चाहते थे, जबकि जेल अधिकारियों का तर्क था कि हाई-रिस्क कैदी होने के कारण उनकी सुरक्षा के लिए सशस्त्र पुलिसकर्मियों की तैनाती जरूरी है। इसी वजह से पैरोल की व्यवस्था को लेकर मतभेद सामने आए थे।
CM भगवंत मान ने भी की थी पैरोल की सिफारिश
इस मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर हवारा को 10 दिन की पैरोल देने की सिफारिश की थी।
रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री ने यह भरोसा भी दिया था कि पैरोल मिलने की स्थिति में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी राज्य सरकार उठाएगी। अब छह घंटे की संभावित पैरोल को लेकर चर्चा है, लेकिन अंतिम निर्णय की आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
क्या है बेअंत सिंह हत्याकांड?
31 अगस्त 1995 को चंडीगढ़ स्थित सिविल सचिवालय के बाहर हुए बम धमाके में तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह समेत 17 लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में जगतार सिंह हवारा को वर्ष 2007 में मौत की सजा सुनाई गई थी, जिसे 2010 में हाईकोर्ट ने उम्रकैद में बदल दिया था।
हवारा लंबे समय से जेल में बंद हैं। अब अपनी बीमार मां से मुलाकात के लिए संभावित पैरोल के मामले में आगे की आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

