लुधियाना सिविल अस्पताल में मरीजों को राहत, नई X-Ray मशीन पहुंची; जल्द शुरू होगी जांच
लुधियाना: सिविल अस्पताल में एक्स-रे जांच करवाने वाले मरीजों के लिए राहत की खबर है। अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में नई आधुनिक एक्स-रे मशीन पहुंच गई है। फिलहाल मशीन को इंस्टॉल करने और तकनीकी जांच की प्रक्रिया चल रही है। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद मशीन को मरीजों के लिए शुरू कर दिया जाएगा।
नई मशीन शुरू होने से जांच व्यवस्था बेहतर होने और पुरानी मशीनों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है। खासकर उन मरीजों को राहत मिल सकती है, जिन्हें एक्स-रे के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है।
पुरानी मशीनें गर्म होने से प्रभावित हो रही थी जांच
अस्पताल में फिलहाल दो पुरानी एक्स-रे मशीनों के जरिए काम किया जा रहा है। लगातार मरीजों की जांच होने के कारण इन मशीनों पर अधिक दबाव पड़ता है और इनके गर्म होने से काम रोकना पड़ता है।
रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में एक मशीन में अधिक गर्म होने की समस्या के चलते वीरवार दोपहर करीब 1 बजे एक्स-रे जांच रोकनी पड़ी। इसके कारण कई मरीजों को बिना जांच करवाए वापस लौटना पड़ा। कुछ मरीजों को दोबारा अस्पताल आने के लिए कहा गया।
रोजाना 100 से 150 मरीज करवाते हैं एक्स-रे
सिविल अस्पताल की ओपीडी और इमरजेंसी में प्रतिदिन औसतन 100 से 150 मरीजों के एक्स-रे किए जाते हैं। रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को मरीजों की संख्या बढ़ने से जांच विभाग पर दबाव और अधिक हो जाता है।
ऐसे में मशीनों में तकनीकी दिक्कत आने पर मरीजों को लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ता है। फ्रैक्चर, चोट और तेज दर्द से परेशान मरीजों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से मुश्किल बन जाती है।
एसएमओ डॉ. अखिल सरीन ने दी जानकारी
सिविल अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (SMO) डॉ. अखिल सरीन के अनुसार, मरीजों की बढ़ती संख्या और पुरानी मशीनों की सीमाओं को देखते हुए नई एक्स-रे मशीन की मांग की गई थी। मशीन अस्पताल पहुंच चुकी है और फिलहाल उसे इंस्टॉल करने तथा कैलिब्रेट करने का काम चल रहा है।
उन्होंने बताया कि तकनीकी प्रक्रिया पूरी होते ही मशीन को मरीजों की सेवा में लगा दिया जाएगा। इससे जांच व्यवस्था को सुचारू बनाने और मौजूदा मशीनों पर काम का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
नई मशीन के शुरू होने की निर्धारित तारीख अभी स्पष्ट नहीं है। फिलहाल मरीजों को इसके चालू होने तक अस्पताल की मौजूदा जांच व्यवस्था पर निर्भर रहना होगा।

