ऑनलाइन सूट ऑर्डर कैंसिल करना पड़ा महंगा, खाते से 22.21 लाख रुपये गायब; साइबर क्राइम में केस दर्ज
मोगा: ऑनलाइन खरीदारी से जुड़ा एक मामला मोगा जिले में सामने आया है, जहां लेडीज सूट का ऑर्डर कैंसिल करने के बाद कथित तौर पर एक परिवार के बैंक खातों से लाखों रुपये निकल गए। शिकायत के अनुसार कुल 22 लाख 21 हजार 931 रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए गए।
मामला गांव चड़िक का बताया जा रहा है। पीड़ित परिवार ने घटना की शिकायत साइबर क्राइम पुलिस के पास दर्ज करवाई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
ऑनलाइन ऑर्डर के बाद सामने आया मामला
पुलिस को दी शिकायत में गांव चड़िक निवासी मोहम्मद अब्दुल ने बताया कि वह दुकानदारी का काम करते हैं। उनके मुताबिक 14 अप्रैल 2026 को उनकी बेटी ने ऑनलाइन लेडीज सूट का ऑर्डर किया था। बाद में ऑर्डर को रद्द करवाने की प्रक्रिया के दौरान कथित तौर पर फोन से जुड़ी साइबर घटना हुई।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बाद उनके बैंक खातों से बड़ी रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर हो गई। कुल रकम 22,21,931 रुपये बताई गई है।
साइबर क्राइम पुलिस ने दर्ज किया मामला
घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार ने साइबर क्राइम थाना मोगा में शिकायत दी। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद कई संदिग्ध लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश समेत संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस के मुताबिक मामले में राजस्थान के अलवर क्षेत्र से जुड़े कुछ लोगों के नाम सामने आए हैं। फिलहाल आरोपियों की भूमिका और पैसों के ट्रांसफर से जुड़े लिंक की जांच की जा रही है।
आरोपियों की तलाश में छापेमारी
जांच अधिकारी एएसआई राजविंद्र कौर के अनुसार पुलिस मामले को गंभीरता से ले रही है। संदिग्ध आरोपियों को पकड़ने के लिए उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि रकम किन खातों में गई और इस पूरी घटना के पीछे कितने लोग शामिल हो सकते हैं। जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ऑनलाइन खरीदारी में सावधानी जरूरी
इस घटना के बाद साइबर सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठे हैं। ऑनलाइन शॉपिंग या ऑर्डर कैंसिल करने के दौरान किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने, स्क्रीन शेयर करने या बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा करने से बचना जरूरी है। किसी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत बैंक और साइबर क्राइम विभाग को सूचना देना चाहिए।

