लोकसभा में पेपर लीक रोकने वाला संशोधन विधेयक पारित, सख्त सजा का प्रावधान
पंजाबी दूरदर्शन | नई दिल्ली
लोकसभा ने बुधवार को लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। विधेयक पर दो दिनों तक विस्तृत चर्चा हुई, जिसके बाद इसे सदन की मंजूरी मिली।
सरकार का कहना है कि नए संशोधन का उद्देश्य प्रतियोगी और सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक तथा अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगाना है।
क्या हैं नए प्रावधान?
संशोधित विधेयक के अनुसार, पेपर लीक और उससे जुड़े गंभीर अपराधों के मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। इसके तहत—
- अधिकतम 10 वर्ष तक की कैद हो सकती है।
- दोषी पाए जाने पर ₹10 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
- संगठित तरीके से परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले नेटवर्क के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
सरकार का कहना है कि इन प्रावधानों से परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता मजबूत होगी।
विपक्ष ने उठाए सवाल
विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों ने परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक की घटनाओं और युवाओं के भविष्य को लेकर सरकार से कई सवाल किए। सत्ता पक्ष ने विधेयक का बचाव करते हुए कहा कि यह कानून परीक्षा माफियाओं पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
राज्यसभा ने भी एक अहम विधेयक पारित किया
इसी दिन राज्यसभा ने राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दे दी।
सरकार के अनुसार, इस संशोधन के बाद ‘वंदे मातरम्’ को भी कानूनी संरक्षण मिलेगा। प्रस्तावित प्रावधानों के तहत वंदे मातरम् के अपमान, अनादर या उसके गायन में जानबूझकर बाधा डालने को दंडनीय अपराध की श्रेणी में शामिल किया गया है।
आगे क्या होगा?
दोनों विधेयकों के संसदीय प्रक्रिया के अगले चरण पूरे होने और आवश्यक संवैधानिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इनके प्रावधान लागू किए जाएंगे।

