पंजाब में 4 साल में ₹94 हजार करोड़ GST कलेक्शन का दावा, वित्त मंत्री हरपाल चीमा बोले- राज्य की अर्थव्यवस्था हुई मजबूत
पंजाबी दूरदर्शन | चंडीगढ़
पंजाब के वित्त एवं कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के कार्यकाल में पंजाब के टैक्स संग्रह में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और विकास कार्यों को गति मिली है।
चीमा ने कहा कि मौजूदा सरकार ने चार वर्षों में लगभग 94 हजार करोड़ रुपये का जीएसटी संग्रह किया है। उन्होंने इसकी तुलना पिछली सरकार के कार्यकाल से करते हुए दावा किया कि कांग्रेस शासन के दौरान पांच वर्षों में कुल टैक्स संग्रह करीब 64 हजार करोड़ रुपये रहा था।
टैक्स संग्रह में लगातार बढ़ोतरी का दावा
वित्त मंत्री के अनुसार, राज्य के राजस्व में हर वर्ष उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है। उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष के लिए सरकार ने लगभग 32 हजार करोड़ रुपये के जीएसटी संग्रह का लक्ष्य निर्धारित किया है।
उनका कहना था कि बेहतर टैक्स प्रबंधन और पारदर्शी व्यवस्था के कारण सरकारी खजाने में अधिक राजस्व आ रहा है, जिसका उपयोग जनकल्याण योजनाओं और विकास परियोजनाओं पर किया जा रहा है।
विकास कार्यों का भी किया उल्लेख
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि बढ़े हुए राजस्व के आधार पर राज्य में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल सुविधाओं से जुड़े कई विकास कार्य किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में हजारों किलोमीटर सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत का कार्य जारी है। सरकारी स्कूलों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जबकि गांवों में खेल मैदानों और अन्य आधारभूत ढांचे के विकास पर भी काम चल रहा है।
जनकल्याण योजनाओं का जिक्र
वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं लगातार जारी हैं। उन्होंने मुफ्त बिजली, मोहल्ला क्लीनिक और महिलाओं के लिए शुरू की गई योजनाओं का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इनका लाभ बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य सार्वजनिक धन का पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करना है ताकि विकास का लाभ सीधे आम नागरिकों तक पहुंचे।
विपक्ष पर साधा निशाना
प्रेस वार्ता के दौरान हरपाल सिंह चीमा ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार राजस्व बढ़ाने और वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, जबकि विपक्ष के कार्यकाल में इस दिशा में अपेक्षित परिणाम नहीं मिले।
हालांकि, वित्त मंत्री द्वारा किए गए इन दावों पर विपक्ष की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आने की संभावना है। राज्य में टैक्स संग्रह और विकास कार्यों को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो सकती है।

