Punjab Petrol Pump UPI Rule: ₹2,000 से ज्यादा UPI पेमेंट बंद करने की चेतावनी, पेट्रोल डीलर्स ने दी हड़ताल की धमकी
पंजाब में पेट्रोल पंपों पर ₹2,000 से अधिक की UPI पेमेंट को लेकर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। पेट्रोल पंप डीलर्स की संस्था ने चेतावनी दी है कि अगर डिजिटल पेमेंट पर अतिरिक्त शुल्क का बोझ वापस नहीं लिया गया, तो राज्य के कई पेट्रोल पंप PhonePe, Google Pay और Paytm जैसे UPI माध्यमों से ₹2,000 से ज्यादा का भुगतान स्वीकार करना बंद कर सकते हैं।
डीलर्स का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर मिलने वाला मार्जिन सीमित है और कर्मचारियों, बिजली, सुरक्षा व रखरखाव जैसे खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में अतिरिक्त डिजिटल पेमेंट चार्ज उनके लिए एक और वित्तीय बोझ बन सकता है।
पंजाब में 4 हजार से ज्यादा पेट्रोल पंप
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पंजाब में करीब 4,104 पेट्रोल पंप हैं। अगस्त 2026 के NPCI आंकड़ों के आधार पर पेट्रोल पंपों पर रोजाना करीब 11 से 12 लाख UPI ट्रांजैक्शन होने का अनुमान है।
इन डिजिटल भुगतानों की कुल दैनिक राशि लगभग ₹65 से ₹70 करोड़ बताई गई है।
डीलर्स के अनुमान के अनुसार, अगर करीब 10 फीसदी ग्राहक ₹2,000 से ज्यादा का ईंधन खरीदते हैं और प्रत्येक ऐसे ट्रांजैक्शन पर ₹5 का शुल्क लागू होता है, तो डीलरों पर प्रतिदिन लगभग ₹5.5 से ₹6 लाख का अतिरिक्त खर्च आ सकता है। महीने के हिसाब से यह राशि करीब ₹1.65 करोड़ से ₹1.80 करोड़ तक पहुंच सकती है।
पेट्रोल डीलर्स ने केंद्र से मांगी राहत
पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह दोआबा ने इस मामले में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री, वित्त मंत्री और प्रमुख तेल कंपनियों—इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम—के अधिकारियों से राहत की मांग की है।
डीलर्स ने 14 सितंबर को जारी वित्त मंत्रालय की गजट अधिसूचना का हवाला देते हुए डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क के मुद्दे को उठाया है। उनका कहना है कि पेट्रोल पंपों पर डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराने के बावजूद डीलरों पर अलग से वित्तीय भार नहीं डाला जाना चाहिए।
एसोसिएशन का तर्क है कि पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर उनका मार्जिन पहले से सीमित है। इसके अलावा कर्मचारियों की सैलरी, बिजली, मशीनों का रखरखाव और सुरक्षा सहित कई खर्च भी लगातार बढ़ रहे हैं।
ट्रक ऑपरेटरों ने भी जताई चिंता
UPI भुगतान की सीमा को लेकर ट्रक ऑपरेटरों की ओर से भी चिंता जताई गई है। ऑल पंजाब ट्रक ऑपरेटर्स यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष हैपी संधू के अनुसार, ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
ट्रक में एक बार में करीब ₹20,000 से ₹50,000 तक का डीजल भरवाया जा सकता है। लंबे रूट पर जाने वाले चालक अक्सर सफर शुरू करने से पहले टंकी फुल करवाते हैं, ताकि रास्ते में बार-बार रुकना न पड़े।
यूनियन का कहना है कि अगर बड़ी रकम का UPI भुगतान स्वीकार नहीं किया गया तो ट्रक ऑपरेटरों को या तो कई बार ईंधन भरवाना पड़ेगा या बड़ी मात्रा में नकदी साथ रखनी होगी। यूनियन ने नकदी रखने से सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी जताई हैं।
सरकार से फैसला वापस लेने की मांग
पेट्रोल डीलर्स और ट्रक ऑपरेटरों ने सरकार से डिजिटल भुगतान से जुड़े अतिरिक्त शुल्क के मुद्दे पर हस्तक्षेप करने की मांग की है। डीलर्स का कहना है कि अगर उनकी मांग पर राहत नहीं मिली तो वे हड़ताल जैसे कदम उठाने पर विचार कर सकते हैं।
फिलहाल यह एक चेतावनी और मांग के स्तर पर है। ₹2,000 से अधिक की UPI पेमेंट वास्तव में कब और किस तरह बंद होगी, यह आगे सरकार और डीलर्स के बीच बातचीत तथा संबंधित नियमों के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।

