लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण पर हंगामा, पेपर लीक विधेयक पर तीखी नोकझोंक
पंजाबी दूरदर्शन | नई दिल्ली
लोकसभा में पेपर लीक से जुड़े विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी के भाषण को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। लगभग 50 मिनट के अपने संबोधन में राहुल गांधी ने परीक्षा प्रणाली, छात्रों के प्रदर्शन और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए, जिसके बाद सदन में कई बार व्यवधान उत्पन्न हुआ।
असंसदीय शब्दों पर सत्ता पक्ष की आपत्ति
राहुल गांधी के भाषण के दौरान उनके द्वारा इस्तेमाल किए गए कुछ शब्दों पर सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताई। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कई बार हस्तक्षेप करते हुए कहा कि ऐसे शब्द संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं हैं और राहुल गांधी को इन्हें लेकर माफी मांगनी चाहिए।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी सदन की मर्यादा बनाए रखने की बात कहते हुए कुछ टिप्पणियों पर आपत्ति दर्ज कराई। बाद में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी संबंधित शब्दों को कार्यवाही से हटाने का आग्रह किया।
राहुल गांधी ने सरकार पर लगाए आरोप
अपने भाषण में राहुल गांधी ने कहा कि देश में लगातार पेपर लीक की घटनाएं युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां हैं और सरकार छात्रों की समस्याओं का प्रभावी समाधान करने में विफल रही है।
राहुल गांधी ने छात्रों के प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए कुछ अन्य आरोप भी लगाए। हालांकि, इन आरोपों का सरकार ने सदन के भीतर विरोध किया और उन्हें निराधार बताया।
सरकार ने आरोपों को बताया गलत
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के कुछ बयानों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि बिना प्रमाण के इस प्रकार के आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने सदन में कहा कि नेता प्रतिपक्ष को तथ्यों के आधार पर ही अपनी बात रखनी चाहिए।
हंगामे के बीच विधेयक पारित
सदन में तीखी बहस और नारेबाजी के बीच पेपर लीक से संबंधित विधेयक को पारित कर दिया गया। इस विधेयक पर चर्चा दूसरे दिन भी जारी रही, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपने-अपने तर्क रखे।

