SGPC Member Rape Case: अमरजीत सिंह चावला पर महिला ने लगाए रेप के आरोप, लाइव होकर सुनाई आपबीती
रूपनगर के श्री आनंदपुर साहिब से एसजीपीसी सदस्य और शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रह चुके अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म मामले में शिकायतकर्ता महिला सामने आई है। महिला बहरीन से पंजाब पहुंची और अकाली नेता रूप कौर संधू के फेसबुक पेज से लाइव होकर उसने मामले से जुड़ी अपनी बात रखी और इंसाफ की मांग की।
महिला ने क्या आरोप लगाए?
महिला के अनुसार, वह धार्मिक यात्रा के लिए पंजाब आई थी और श्री आनंदपुर साहिब पहुंचने के बाद उसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया।
उसने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उसे धमकाया गया और जान से मारने की धमकी भी दी गई। महिला ने यह भी दावा किया कि घटना के बाद उसे कुछ समय के लिए एक कमरे में बंद रखा गया था।
महिला ने लाइव के दौरान कहा कि उसने मामले में किसी दबाव में शिकायत नहीं की, बल्कि खुद पुलिस के पास पहुंचकर कार्रवाई की मांग की।
कई धार्मिक संस्थाओं से मदद मांगने का दावा
शिकायतकर्ता ने बताया कि घटना के बाद उसने कई सिख संस्थाओं, धार्मिक संगठनों और पंथक नेताओं से संपर्क किया। उसने संबंधित लोगों को अपनी आपबीती बताकर मदद मांगी।
महिला के मुताबिक, जब उसे लगा कि मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है, तो वह 21 अगस्त को श्री आनंदपुर साहिब थाने पहुंची और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
उसने पंजाब पुलिस के साथ-साथ एसजीपीसी, अकाल तख्त साहिब और अकाली दल के नेताओं से भी मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की अपील की।
किन धाराओं में दर्ज हुआ केस?
पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ BNS की धारा 64, 127(2) और 351(2) के तहत मामला दर्ज किया है।
मामले की जांच पुलिस की ओर से की जा रही है। एफआईआर दर्ज होना अपने आप में आरोप साबित नहीं करता और मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
अमरजीत सिंह चावला ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
दूसरी ओर, अमरजीत सिंह चावला ने महिला की ओर से लगाए गए आरोपों को गलत और बेबुनियाद बताया है। उन्होंने पूरे मामले को एक साजिश करार दिया है।
एफआईआर दर्ज होने के बाद चावला ने शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद और एसजीपीसी सदस्यता से इस्तीफा देने का ऐलान किया था।
चावला के कनाडा जाने की चर्चा, आधिकारिक पुष्टि नहीं
इस बीच चावला के कनाडा चले जाने की चर्चा भी सामने आई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की ओर से भी इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
फिलहाल मामले में शिकायतकर्ता के आरोप, चावला का पक्ष और पुलिस की जांच—तीनों महत्वपूर्ण हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ ही मामले से जुड़े अन्य तथ्य स्पष्ट होने की उम्मीद है।

