Vicky Middukhera Murder Case: धरमिंदर गुगनी के खिलाफ आरोप तय
मोहाली: यूथ अकाली नेता और स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी (SOPU) से जुड़े रहे विक्रमजीत सिंह कुलार उर्फ विक्की मिड्डुखेड़ा की हत्या के मामले में मोहाली की अदालत ने धरमिंदर सिंह गुगनी के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। गुगनी के खिलाफ खालिस्तान लिबरेशन से जुड़े होने का आरोप भी मामले में सामने आया है।
एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज, मोहाली की अदालत ने मामले की अगली कार्रवाई के तहत 6 अक्टूबर को सरकारी गवाहों को पेश करने के निर्देश दिए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गुगनी फिलहाल पटियाला जेल में बंद है।
तीन शूटरों को पहले ही सुनाई जा चुकी है सजा
विक्की मिड्डुखेड़ा हत्याकांड में अदालत पहले ही तीन आरोपियों अजय उर्फ लेफ्टी, सज्जन उर्फ भोलू और अनिल को दोषी ठहरा चुकी है।
इन तीनों को हत्या के मामले में IPC की धारा 302 के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। इसके अलावा आर्म्स एक्ट से संबंधित धाराओं के तहत 7 साल और धारा 452 के तहत 1 साल की सजा दी गई थी। अदालत ने तीनों पर 2.5-2.5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था।
तीन आरोपियों को सबूतों के अभाव में किया गया बरी
मामले में गैंगस्टर कौशल चौधरी, अमित डागर और भूपिंदर सिंह भूप्पी राणा को अदालत ने बरी कर दिया था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अभियोजन पक्ष उनके खिलाफ विक्की मिड्डुखेड़ा की हत्या में सीधे तौर पर शामिल होने का आरोप पर्याप्त सबूतों से साबित नहीं कर सका।
यह अदालत के रिकॉर्ड में दर्ज निर्णय का हिस्सा है और किसी आरोपी के खिलाफ आरोप या पुलिस की जांच अपने आप में दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं होती।
कुछ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट अभी बाकी
मामले में आर्मेनिया की जेल में बंद बताए जा रहे गौरव उर्फ लक्की पटियाल और सिद्धू मूसेवाला के पूर्व मैनेजर शगनप्रीत सिंह समेत कुछ अन्य लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी नहीं होने के कारण अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं किए जाने की जानकारी सामने आई है।
विक्की मिड्डुखेड़ा की हत्या के मामले में अदालत की कार्यवाही अलग-अलग आरोपियों की भूमिका और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है। धरमिंदर सिंह गुगनी के खिलाफ आरोप तय होने के बाद अब सरकारी गवाहों के बयान और आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर नजर रहेगी।

