AAP MLA Sukhbir Maisarkhana Emotional: पार्टी से नाराजगी जाहिर की

AAP विधायक सुखबीर मैसरखाना LIVE कैमरे पर हुए भावुक, बोले- ‘मेरे साथ हर मोड़ पर धक्का हुआ’

बठिंडा: आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक सुखबीर सिंह मैसरखाना ने लाइव वीडियो के दौरान अपनी ही पार्टी के प्रति नाराजगी जाहिर की। बयान देते समय वह भावुक हो गए और उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें बार-बार पीछे किया गया। विधायक ने साफ कहा कि उनके लिए टिकट से ज्यादा अहम जनता के मुद्दे हैं और वह लोगों के हकों के लिए आवाज उठाते रहेंगे।

‘मैंने पार्टी के लिए क्या गलत किया?’

सुखबीर मैसरखाना ने कहा कि उन्होंने हमेशा पार्टी और जनता के लिए ईमानदारी से काम किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें टिकट मिलने या न मिलने की चिंता नहीं है, लेकिन लोगों की समस्याओं को नजरअंदाज करना उन्हें मंजूर नहीं है।

भावुक होते हुए विधायक ने सवाल उठाया कि अगर उनसे कोई गलती हुई है, तो पार्टी उन्हें बताए। उन्होंने कहा कि वह किसी भी जांच या कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें यह स्पष्ट होना चाहिए कि आखिर उनकी गलती क्या है।

सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया

विधायक ने सरकारी स्कूलों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि उन्होंने कई बार सरकार और पार्टी के नेताओं के सामने शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया है। उन्होंने बुर्ज सेमा वाला सहित अन्य स्कूलों में खाली पद भरने की मांग का जिक्र किया।

उन्होंने सवाल किया कि यदि स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक नहीं होंगे, तो बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर क्या असर पड़ेगा। उनके मुताबिक, उन्होंने मुख्यमंत्री सहित कई स्तरों पर इस समस्या को उठाया, लेकिन कुछ स्कूलों में समस्याएं अब भी बनी हुई हैं।

‘हर मोड़ पर मुझे पीछे किया गया’

अपने राजनीतिक सफर और पार्टी के साथ संबंधों पर बात करते हुए सुखबीर मैसरखाना ने कहा कि वह मुश्किल समय में भी पार्टी के साथ खड़े रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मौकों पर उन्हें राजनीतिक रूप से पीछे किया गया और अकेला महसूस कराया गया।

उन्होंने कहा कि चुनावों के दौरान भी कई तरह की परिस्थितियां बनीं, लेकिन उन्होंने पार्टी के खिलाफ खुलकर कुछ नहीं कहा। विधायक ने यह भी दोहराया कि उनका मुख्य उद्देश्य स्कूलों की समस्याओं को हल करवाना और जनता के अधिकारों के लिए लड़ना है।

सरपंची चुनाव में दोबारा मतगणना की मांग

विधायक ने गांव करैल में सरपंची चुनाव से जुड़े मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने दोबारा मतगणना कराने की मांग करते हुए कहा कि जहां लोगों को इंसाफ की उम्मीद है, वहां प्रशासन को निष्पक्ष तरीके से मामले का समाधान करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें विधानसभा में भेजा है, इसलिए लोगों के दुख-दर्द में उनके साथ खड़ा होना उनकी जिम्मेदारी है। उनके भावुक बयान के बाद पंजाब के राजनीतिक हलकों में उनकी नाराजगी को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

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