दिलजीत दोसांझ की विवादित फिल्म नए नाम से रिलीज: ‘Punjab 95’ अब ‘Satluj’ के नाम से OTT पर उपलब्ध
पंजाबी दूरदर्शन | चंडीगढ़
लंबे समय से चर्चा और विवादों में रही अभिनेता एवं गायक दिलजीत दोसांझ की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘Punjab 95’ अब नए नाम ‘Satluj’ के साथ ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज हो गई है। यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और उनके संघर्ष पर आधारित है।
फिल्म का निर्देशन हनी त्रेहन ने किया है, जबकि निर्माण आरएसवीपी और मैकगफिन पिक्चर्स ने किया है। फिल्म में दिलजीत दोसांझ के अलावा अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहलियान भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आते हैं।
निर्देशक ने क्या कहा
फिल्म के निर्देशक हनी त्रेहन ने कहा कि ओटीटी पर रिलीज किया गया संस्करण उनकी मूल रचनात्मक दृष्टि के अनुरूप है। उनके अनुसार फिल्म की कहानी में कोई बदलाव नहीं किया गया है, केवल शीर्षक बदला गया है।
ऐसे बदला फिल्म का सफर
फिल्म की घोषणा वर्ष 2022 में की गई थी। शुरुआत में इसका शीर्षक ‘घल्लूघारा’ रखा गया था। बाद में सेंसर प्रक्रिया के दौरान शीर्षक बदलकर ‘Punjab 95’ किया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रमाणन प्रक्रिया के दौरान फिल्म में कई संशोधनों और कट्स का सुझाव दिया गया था। इसके चलते फिल्म की भारत में सिनेमाघरों में रिलीज लंबे समय तक अटकी रही। बाद में इसे चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रदर्शित किया गया और अब यह नए नाम ‘Satluj’ के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली सराहना
फिल्म का प्रीमियर प्रतिष्ठित Toronto International Film Festival (TIFF) में किया गया था, जहां इसकी कहानी और दिलजीत दोसांझ के अभिनय को काफी सराहना मिली। फिल्म को संवेदनशील विषय और प्रभावशाली प्रस्तुति के लिए अंतरराष्ट्रीय दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।
किस कहानी पर आधारित है फिल्म
‘Satluj’ मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन से प्रेरित है। उन्होंने 1980 और 1990 के दशक में पंजाब में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों और लापता लोगों के मामलों को उजागर करने का अभियान चलाया था।
खालड़ा ने विभिन्न श्मशान घाटों के रिकॉर्ड और दस्तावेजों के आधार पर कई गंभीर सवाल उठाए थे। उनके प्रयासों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया। वर्ष 1995 में उनके लापता होने और बाद में हुई हत्या का मामला भी लंबे समय तक न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा रहा।
चर्चा में बनी हुई है फिल्म
संवेदनशील ऐतिहासिक विषय, लंबे समय तक चली सेंसर प्रक्रिया और शीर्षक परिवर्तन के कारण यह फिल्म लगातार चर्चा में रही। अब डिजिटल रिलीज के साथ दर्शकों को इसे देखने का अवसर मिला है। फिल्म से जुड़े विषयों और ऐतिहासिक घटनाओं को लेकर अलग-अलग दृष्टिकोण मौजूद हैं, जिन पर सार्वजनिक और कानूनी स्तर पर वर्षों से चर्चा होती रही है।

